दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में अब सामाजिक संगठनों की आवाज भी बुलंद होने लगी है। खालसा यूथ क्लब के प्रधान सरदार विपिन प्रीत सिंह ने युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो ट्राइसिटी में भी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
चंडीगढ़ (IDAM TODAY NEWS): दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में खालसा यूथ क्लब खुलकर सामने आया है। क्लब के प्रधान सरदार विपिन प्रीत सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे सरकार और प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारी युवाओं पर कथित सख्ती बढ़ रही है, वैसे-वैसे वहां मौजूद लोगों का भरोसा सरकार से ज्यादा सिख समाज की सेवा भावना पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि देशभर से आए युवा अपने बेहतर भविष्य और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में उनके साथ बल प्रयोग करना उचित नहीं है। सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पेपर लीक मामले में शामिल असली दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
विपिन प्रीत सिंह ने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर सिख संगठनों द्वारा लंगर सेवा का आयोजन किया गया और जरूरतमंदों की हर संभव सहायता की गई। साथ ही गुरुद्वारा साहिब के दरवाजे भी प्रदर्शनकारियों और अन्य लोगों के लिए खोल दिए गए। उनका दावा है कि इस सेवा भावना की लोगों ने सराहना की और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने सिख समाज के सहयोग की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि सिख परंपरा हमेशा से मानव सेवा, भाईचारे और जरूरतमंदों की सहायता की रही है। देश-दुनिया में जब भी कोई संकट आता है, सिख समाज सबसे पहले सेवा के लिए आगे खड़ा दिखाई देता है और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।
खालसा यूथ क्लब के प्रधान ने सरकार से मांग की कि पेपर लीक प्रकरण में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की आवाज को लगातार अनसुना किया गया तो देश के अन्य हिस्सों की तरह ट्राइसिटी में भी युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति के लिए सरकार और प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होंगे।
खालसा यूथ क्लब की प्रमुख मांगें
- पेपर लीक मामले के दोषियों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई।
- शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ बल प्रयोग बंद किया जाए।
- युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू हो।
- सरकार युवाओं की मांगों पर सकारात्मक संवाद शुरू करे।
- जरूरत पड़ने पर ट्राइसिटी में भी युवाओं के समर्थन में आंदोलन किया जाएगा।