चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आंदोलनरत किसानों और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें पूरी तरह जायज हैं, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में आने से पहले स्वयं इन्हें पूरा करने का वादा किया था।
हुड्डा ने कहा कि बीजेपी ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए C2 फार्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने का वादा किया था। इसके अलावा किसान आंदोलन समाप्त कराने के दौरान सरकार ने एमएसपी गारंटी कानून बनाने का भी आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक इन वादों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसी कारण किसान एक बार फिर आंदोलन करने के लिए मजबूर हुए हैं।
उन्होंने सरकार से किसानों के प्रतिनिधियों के साथ तुरंत बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालने की अपील की। साथ ही अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर किसानों द्वारा जताई गई आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने की भी मांग की।
छात्रों के मुद्दे पर बोलते हुए हुड्डा ने दिल्ली में पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का अधिकार है। ऐसे में छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह अलोकतांत्रिक और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि सरकार को पेपर लीक कराने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, न कि परीक्षा देने वाले छात्रों को निशाना बनाना चाहिए। हुड्डा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग भी की।