ओ.पी. सिहाग बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी, छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से नहीं दबाया जा सकता
पंचकूला। दिल्ली में छात्रों और युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जननायक जनता पार्टी (जजपा) और युवा जजपा ने मंगलवार को पंचकूला में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
जजपा के जिला अध्यक्ष ओ.पी. सिहाग के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला सचिवालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में कहा गया कि 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर से संसद भवन तक निकाले गए रोष मार्च के दौरान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में छात्राओं और महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
ज्ञापन में कहा गया कि देशभर से हजारों-लाखों छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर संवाद करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल किया।
जजपा जिला अध्यक्ष ओ.पी. सिहाग ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि युवा और छात्र अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं तो उनकी बात सुनना सरकार का दायित्व है, न कि उन पर बल प्रयोग करना। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के बढ़ते आक्रोश से घबराकर दमन का रास्ता अपना रही है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। ऐसे में छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं तो उन्हें नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए।
जजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री से मांग की कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं, घायल छात्रों और छात्राओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कथित रूप से आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता दिखानी चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जजपा महिला प्रदेश प्रभारी डॉ. किरण पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष के.सी. भारद्वाज, युवा जजपा जिला प्रधान दीपक चौधरी, हल्का पंचकूला प्रधान राजेश निषाद, हल्का कालका प्रधान मयंक लाम्बा, इनसो जिला प्रधान मोहित गुर्जर, इनसो प्रदेश महासचिव रजत गुर्जर, जिला कार्यालय सचिव सुरिंदर चड्ढा, मुकेश वाल्मीकि, मनीष गुर्जर, विकास मलिक, रणधीर पंवार सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।