पंचकूला/  अमर शर्मा । पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित स्विस लाउंज क्लब के बाहर एक बिजनेसमैन और उनके साथी पर जानलेवा हमला करने वाले रोहित गोदारा गैंग के दो शातिर शूटरों को पंचकूला पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज व अन्य टीमों ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई करते हुए ना केवल आरोपियों का पीछा किया, बल्कि उन पर जवाबी फायरिंग कर उन्हें मट्टावाला फ्लाईओवर (यमुनानगर हाईवे) के पास पैरों में गोली मारकर दबोच लिया।

पीड़ित के भाई नरेंद्र लुबाना द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, उनके छोटे भाई रतन चंद का पंचकूला में क्लब है। दिनांक 3/4 जून 2026 की रात को जब रतन चंद सेक्टर-5 पंचकूला में अपने स्विस लाउंज क्लब के बाहर पार्किंग में ललित नाम के युवक के साथ खड़े थे, तभी काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर जान से मारने की नीयत से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस हमले में रतन चंद की पीठ और बाईं बाजू पर गोलियां लगीं, जबकि ललित के दाहिने कंधे पर गोली लगी। दोनों घायलों को तुरंत गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। बाद में रतन चंद की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका ऑपरेशन हुआ है।

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और इलाके को सुरक्षित किया। सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस को मौके से 7 खाली कारतूस, 2 जिंदा राउंड व अन्य सामानबरामद हुआ। पुलिस ने सेक्टर-5 थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 109(1), 111(4), 308(7) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(B), 25(6), 25(7) के तहत मामला दर्ज किया।

हाईवे पर फिल्मी स्टाइल में पीछा और पुलिस की बदमाशों के साथ मुठभेड़

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार इस वारदात के तुरंत बाद बदमाशों को पकड़ने के लिए सभी टीमों ने साहस का परिचय दिया। डिटेक्टिव स्टाफ के पीएसआई सौरव रावत अपनी निजी कार में सेक्टर-5 पार्किंग के पास मौजूद थे। गोलियों की आवाज सुनते ही उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए शूटरों की पल्सर बाइक का पीछा करना शुरू कर दिया और सभी क्राइम टीमों को अलर्ट किया। जब वह बेला विस्टा गोलचक्कर के पास पहुंचे, तो बाइक पर पीछे बैठे शूटर ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से 2 राउंड फायर किए, लेकिन पीएसआई रावत ने सूझबूझ से खुद को बचा लिया। इसके बाद पुलिस लाइन मोगीनंद के गेट पर तैनात मुख्य सिपाही कंवरपाल अपनी क्रेटा गाड़ी से उनके साथ शामिल हो गए।

यमुनानगर हाईवे पर क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 टीम ने पीएसआई विजय के नेतृत्व में और एंटी नारकोटिक्स सेल टीम पीएसआई प्रवीण कुमार के नेतृत्व में इस ऑपरेशन में शामिल हो गईं। बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस की गाड़ियों पर लगातार फायरिंग जारी रखी। मट्टावाला फ्लाईओवर के पास पुलिस ने बुलेरो और क्रेटा गाड़ी से बदमाशों की बाइक को घेरकर टक्कर मारी, जिससे बदमाश गिर गए। जमीन पर गिरने के बाद भी बदमाशों ने मुख्य सिपाही कंवरपाल की गाड़ी के बोनट पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीमों ने उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उनके ना मानने पर आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसआई प्रवीण कुमार और मुख्य सिपाही कंवरपाल ने जवाबी कार्रवाई में शूटरों के पैरों पर गोलियां चलाईं। दोनों शूटरों के पैर में गोली लगने के बाद उन्हें पिस्तौल सहित काबू कर लिया गया और तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल पंचकूला दाखिल कराया गया।

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (निवासी होशियारपुर, पंजाब) और जसविंदर सिंह उर्फ गोरा (निवासी गांव गोराहुर, लुधियाना, पंजाब) बताया है। आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्हें गैंगस्टर रोहित गोदारा ने ही रतन लुबाना की हत्या करने के लिए पंचकूला भेजा था। यह मामला चंडीमंदिर थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 3(5), 281, 111(4), 125, 121(1), 132, 221 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(6), 25(7) के तहत दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। मामलें मे आगामी जांच जारी है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *