• उपायुक्त ने जिला को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए टास्क फोर्स को दिए निर्देश
  • बाल श्रम रोकथाम के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने के दिए निर्देश

पंचकूला। उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने लघु सचिवालय स्थित सभागार में आज जिला में बाल श्रम एवं बंधुआ मजदूरी की रोकथाम के लिए गठित जिला टास्क फोर्स और चैकसी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उपायुक्त ने टास्क फोर्स को जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि उनका लक्ष्य जिला पंचकूला को पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाना भी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि ढाबों, ईंट-भट्ठों, औद्योगिक इकाइयों, दुकानों, ट्रैफिक लाइट प्वाइंट्स तथा अन्य बाल श्रम संभावित स्थानों पर औचक निरीक्षण किया जाए और यदि कहीं भी बच्चों से श्रम करवाते हुए पाया जाए तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही इन स्थानों पर समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई के विरुद्ध जागरूक किया जाए। उपायुक्त ने पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए कि शहर के विभिन्न ट्रैफिक लाइट प्वाइंट्स पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि बाल श्रम की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उन्होने कंस्ट्रक्शन साईट को भी चैक करने के निर्देश दिए ताकि बच्चों से कंस्ट्रक्शन का काम न लिया जा रहा हो। यदि कोई संलिप्त पाया जाए तो उसके खिलाफ कारवाई करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने जिला टास्क फोर्स द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आगामी बैठक में बाल श्रम की रोकथाम के लिए की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया जाए कि टास्क फोर्स द्वारा किन-किन स्थानों पर छापेमारी की गई। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए बच्चों से जबरन श्रम करवाने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करने के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस अवैध गतिविधि के प्रति संवेदनशील बनाया जाए। बाल श्रम अधिनियम के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के व्यवसाय या कार्य में नियोजित करना पूर्णतः प्रतिबंधित है।

उपायुक्त ने बैठक में जिले में बंधुआ मजदूरी की रोकथाम के लिए गठित चैकसी समिति द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी बंधुआ मजदूरी न हो।

सहायक श्रम आयुक्त अंजना ने उपायुक्त को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाल मजदूरी दिवस के अवसर पर विभाग ने कालका, रायपुररानी और पंचकूला में बाल मजदूरी जैसी बुराई के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कैंप का आयोजन किया।

इस अवसर पर डीडीपीओ श्री विशाल पराशर, सहायक श्रम आयुक्त श्रीमती अंजना, डिप्टी सीएमओ शिवानी हुडडा, बाल कल्याण परिषद पंचकूला की अध्यक्षा श्रीमती वीना रानी अरोड़ा, एसीपी पंचकूला, एपीओ पावस शर्मा, सदस्य श्रीमती रितु अग्रवाल व श्री दिनेश जांगड़ा, लेबर इंस्पेक्टर श्री तेजबीर सिंह एवं श्री कृष्ण कुमार सैनी सहित समिति के अन्य गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

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