पंचकूला (अमर शर्मा ) पंचकूला पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए हैदराबाद से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक निर्माण कंपनी के व्हाट्सऐप और लैपटॉप को निशाना बनाकर की गई इस साइबर ठगी में आरोपियों ने कंपनी के बैंक खातों से करीब 3 करोड़ 16 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे। मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस की टीमें साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुन्नापुरेडी प्रवीन प्रसाद राजा निवासी हैदराबाद और वाकानागी रेड्डी निवासी ईस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश, हाल निवासी हैदराबाद के रूप में हुई है। दोनों को 29 अगस्त 2026 को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक खातों से जुड़ी अहम जानकारी मिली है।

पुराने कारोबारी संपर्क का उठाया फायदा

जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पहले कंपनी के पुराने कारोबारी संपर्क का फायदा उठाते हुए व्हाट्सऐप पर एक फर्जी जिप फाइल भेजी। इसके बाद कंपनी के व्हाट्सऐप पर कंपनी संचालक के नाम से दूसरे मोबाइल नंबर से संदेश भेजे जाने लगे।

ठगों ने कंपनी के अकाउंटेंट को भरोसे में लिया और उससे बैंक खातों में मौजूद रकम की जानकारी हासिल की। इसके बाद अकाउंटेंट को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। कंपनी के कर्मचारी को इस बात का अंदाजा तक नहीं हुआ कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुका है।

संचालक के फोन से खुला करोड़ों की ठगी का राज

ठगों के निर्देश पर कंपनी के बैंक खातों से कुल 3 करोड़ 16 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। इसके बाद जब कंपनी संचालक ने स्वयं अकाउंटेंट को फोन कर आगे किसी भी तरह की बैंक ट्रांजेक्शन करने से रोक दिया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद कंपनी की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई।

साइबर क्राइम पुलिस की जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 1 करोड़ 6 लाख रुपये इंटीग्रेटेड वूमेन डेवलपमेंट सोसाइटी के बैंक खाते में तथा 80 लाख रुपये पुन्नापुरेडी पकाशास्त्रुलु प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर हुए थे। इन बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

चेन्नई के बाद हैदराबाद तक पहुंची पुलिस की जांच

साइबर क्राइम थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में टीम ने तकनीकी जांच को आगे बढ़ाते हुए हैदराबाद में दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस इस मामले में चेन्नई से देवराजन ए.पी. निवासी चेन्नई, पंडिश्वरी निवासी रामनाथपुरम, तमिलनाडु तथा सुशील गंजानन निवासी कोल्हापुर, महाराष्ट्र को गिरफ्तार कर चुकी है।

इस प्रकार पंचकूला पुलिस अब तक इस करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का मानना है कि मामले में शामिल नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ अहम साबित हो सकती है।

कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के नेतृत्व में साइबर क्राइम टीम इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेन-देन और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पंचकूला पुलिस की टीमें विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस की जांच का फोकस इस बात पर भी है कि 3.16 करोड़ रुपये की रकम आखिर किन-किन खातों में पहुंची और इस साइबर ठगी के पीछे पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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