ओपी सिहाग बोले- सरकार सफाई कर्मचारियों की सभी मांगें माने, बर्खास्त कर्मचारियों को तत्काल बहाल करे
13 मई के समझौते को लागू न करना कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी : जेजेपी; सेक्टर-14 धरना स्थल पर महापंचायत में पहुंचकर दिया समर्थन
पंचकूला, इदम टुडे न्यूज़ । पंचकूला सहित पूरे हरियाणा में पिछले 36 दिनों से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों का आंदोलन शुक्रवार को उस समय और तेज हो गया, जब जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने खुलकर सफाई कर्मचारियों के समर्थन में उतरते हुए सरकार से उनकी सभी मांगें मानने की मांग उठाई। जेजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सेक्टर-14 स्थित धरना स्थल पर पहुंचे और सफाई कर्मचारियों की ओर से आयोजित महापंचायत में शामिल होकर उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
जेजेपी जिला अध्यक्ष ओपी सिहाग की अगुआई में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पंचकूला के अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की गई कि हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को पूरा करवाया जाए तथा आंदोलन के दौरान बर्खास्त किए गए सभी कर्मचारियों को तत्काल बहाल किया जाए।
इस दौरान जेजेपी महिला प्रदेश प्रभारी किरण पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष केसी भारद्वाज, हलका पंचकूला अध्यक्ष राजेश निषाद, युवा नेता मुकेश वाल्मीकि, जिला प्रवक्ता सुरेश पाठक, रणधीर पंवार सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सफाई कर्मचारी शहरों की रीढ़ : ओपी सिहाग
सफाई कर्मचारियों की महापंचायत को संबोधित करते हुए जेजेपी जिला अध्यक्ष ओपी सिहाग ने कहा कि सफाई कर्मचारी किसी भी शहर की व्यवस्था और स्वच्छता की रीढ़ होते हैं। ऐसे में सरकार उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि पिछले 36 दिनों से सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण प्रदेश के अनेक शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है और इसका सीधा असर आम जनता के जनजीवन पर पड़ रहा है।
ओपी सिहाग ने आरोप लगाया कि सरकार 13 मई को सफाई कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को लागू करने से पीछे हट रही है, जो कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी है। उन्होंने कहा कि जब सरकार और कर्मचारियों के बीच समझौता हो चुका है तो उसके प्रावधानों को लागू करने में आनाकानी क्यों की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि समझौते के तहत कर्मचारियों से किए गए सभी वादों को जल्द पूरा किया जाए।
पुलिस और बर्खास्तगी से आंदोलन दबाने का आरोप
सिहाग ने भाजपा सरकार पर कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत और समाधान निकालने की बजाय कभी पुलिस का सहारा ले रही है तो कभी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों और जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार को उनके साथ बातचीत कर समस्या का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जितनी लंबी खिंचेगी, उसका असर कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ-साथ आम नागरिकों पर भी पड़ेगा। लंबे समय से वेतन, रोजगार और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के परिवार भी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। वहीं शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार से तत्काल समाधान निकालने की मांग
जेजेपी नेताओं ने कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करनी चाहिए और सभी लंबित मांगों का समाधान निकालना चाहिए। पार्टी ने राज्यपाल से भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कर्मचारियों की मांगों को पूरा करवाने तथा बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को बहाल करवाने की मांग की।
महापंचायत में जेजेपी महिला प्रदेश प्रभारी किरण पूनिया और युवा नेता मुकेश वाल्मीकि ने भी सफाई कर्मचारियों के पक्ष में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किए बिना प्रदेश में सफाई व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करना मुश्किल है। जेजेपी नेताओं ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी रहेगी और उनकी आवाज को लगातार उठाती रहेगी।