पंचकूला, मुकेश चौहान । पंचकूला में युवाओं को मार्शल आर्ट, आत्मरक्षा, अनुशासन और शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित 6वीं पंचकूला जिला शस्त्रांग चैंपियनशिप का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। दो दिवसीय यह प्रतियोगिता 22 और 23 अगस्त 2026 को शस्त्रांग, SCO-193, सेक्टर-16, पंचकूला में आयोजित की गई। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर पदक वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विजेता खिलाड़ियों को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह में पूर्व आईएएस अधिकारी एवं शस्त्रांग इंडियन मॉडर्न मार्शल आर्ट के अध्यक्ष वी. एस. कुंडू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वहीं पारस अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर अंकुर गुप्ता तथा अमरटेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण ग्रोवर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और विजेताओं को पदक प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विभिन्न स्कूलों के करीब 100 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
चैंपियनशिप में पंचकूला के विभिन्न स्कूलों से करीब 100 युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में लड़के और लड़कियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने U-7, U-10, U-14, U-17, U-19, U-22 और A-22 आयु वर्गों में मुकाबले खेले।
इस दौरान खिलाड़ियों के बीच टारगेट ड्रिल, डिफेंस ड्रिल, एयर शील्ड कॉम्बैट, कॉम्बैट कॉम्बो और स्पीड कॉम्बैट जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई गईं। मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार तकनीक, गति, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में जीत को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
ग्रैंडमास्टर बिक्रम सिंह थापा ने दिया फिटनेस का संदेश
समारोह में ग्रैंडमास्टर बिक्रम सिंह थापा, 9वीं डिग्री ब्लैक बेल्ट एवं जनरल सेक्रेटरी/सीईओ, शस्त्रांग इंडियन मॉडर्न मार्शल आर्ट ने सभी खिलाड़ियों, अभिभावकों और आयोजकों को चैंपियनशिप की सफलता पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें शारीरिक गतिविधियों और मार्शल आर्ट से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार जरूरी है, उसी तरह नियमित व्यायाम को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
ग्रैंडमास्टर थापा ने अभिभावकों को स्वयं भी नियमित व्यायाम करने और मार्शल आर्ट जैसी जीवन रक्षक कला सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बच्चों और बड़ों दोनों के आत्मविश्वास को मजबूत करता है और मुश्किल परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने में मदद करता है।
अतिथियों ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
समारोह में मौजूद अतिथियों ने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें आत्मरक्षा और मार्शल आर्ट को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट केवल एक खेल नहीं, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास, फिटनेस और व्यक्तिगत सुरक्षा की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों को मार्शल आर्ट अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है।
इन खिलाड़ियों ने हासिल किया प्रथम स्थान
डिफेंस ड्रिल एवं एयर शील्ड कॉम्बैट के लड़कों के वर्ग में U-10 में उत्कर्ष चौधरी ने प्रथम स्थान हासिल किया। U-14 वर्ग में सुशांत ठाकुर, आयुष सिंचुरी, आर्यन, समरजोत सिंह और नैतिक खंतवाल प्रथम रहे। U-17 में अनस सलमानी, अभय शर्मा और सार्थक भारद्वाज ने पहला स्थान प्राप्त किया।
इसी प्रकार U-19 वर्ग में शिवम शर्मा और इंदर प्रसाद तथा U-22 वर्ग में कुणाल ने प्रथम स्थान हासिल किया।
लड़कियों के वर्ग में U-14 में प्रतिष्ठा, अर्शिया चौधरी, हिती कश्यप, मानस्वी उम्मत और जानवी दहिया प्रथम रहीं। U-19 वर्ग में पार्वती और अनन्या अग्रवाल ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि A-22 वर्ग में अंजलि प्रथम स्थान पर रहीं।
प्रतिभागियों और अभिभावकों का जताया आभार
आयोजकों ने कहा कि दो दिवसीय चैंपियनशिप ने युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा, खेल भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच प्रदान किया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और विभिन्न मुकाबलों में अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया।
समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और स्कूलों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और उत्साहपूर्ण भागीदारी के कारण 6वीं पंचकूला जिला शस्त्रांग चैंपियनशिप सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।
आयोजकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पंचकूला के अधिक से अधिक बच्चे और युवा मार्शल आर्ट से जुड़ेंगे तथा खेल के साथ-साथ आत्मरक्षा और फिटनेस को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे।