स्पा सेंटरों के बाद अब होटलों पर पुलिस की नजर, रिहायशी इलाकों में संचालित होटलों की गतिविधियों को लेकर उठे सवाल
जीरकपुर (परमजीत सिंह) त्योहारों के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जीरकपुर पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने शिवालिक विहार स्थित होटल सुपर सेवन में जांच के दौरान कथित देह व्यापार से जुड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में होटल मैनेजर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मौके पर मौजूद चार लड़कियों को रेस्क्यू कराया गया। इस कार्रवाई के बाद शहर में उन होटलों की गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं, जो रिहायशी इलाकों के आसपास संचालित हो रहे हैं।
त्योहारों के दौरान बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जीरकपुर पुलिस की ओर से विभिन्न इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत होटलों और अन्य संदिग्ध स्थानों की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
होटल में चेकिंग के दौरान सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीम जब शिवालिक विहार स्थित होटल सुपर सेवन में जांच के लिए पहुंची, तो वहां कथित तौर पर देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियां सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें होटल का मैनेजर भी शामिल बताया गया है। वहीं, मौके पर मौजूद चार लड़कियों को रेस्क्यू कराया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई को त्योहारों से पहले चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की भूमिका, कथित गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं और होटल में इस तरह की गतिविधियां कब से संचालित होने की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्पा सेंटरों के बाद अब होटल भी जांच के दायरे में
जीरकपुर में इससे पहले भी स्पा सेंटरों और अन्य प्रतिष्ठानों में कथित अनियमितताओं को लेकर पुलिस कार्रवाई की चर्चा रही है। अब होटलों में कथित गैरकानूनी गतिविधियों का मामला सामने आने के बाद पुलिस की निगरानी का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की आड़ में नियमों के विरुद्ध गतिविधियां संचालित करने की कोशिश कर सकते हैं।
ऐसे में पुलिस के सामने केवल छापेमारी करना ही नहीं, बल्कि नियमित निरीक्षण के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना भी जरूरी है। होटल संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में लागू कानूनों और प्रशासनिक नियमों का पालन सुनिश्चित करें। वहीं, पुलिस और संबंधित विभागों को भी शिकायतों तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
रिहायशी इलाकों में होटल संचालन को लेकर बढ़ी चिंता
जीरकपुर के विभिन्न रिहायशी क्षेत्रों में होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर स्थानीय निवासियों की चिंताएं भी सामने आती रही हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि आवासीय क्षेत्रों के आसपास संचालित किसी प्रतिष्ठान में गैरकानूनी गतिविधियां होती हैं, तो इससे वहां रहने वाले परिवारों की सुरक्षा और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रिहायशी इलाकों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोग रहते हैं। ऐसे में होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि उनका संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
हालांकि, किसी होटल का रिहायशी इलाके में होना अपने आप में गैरकानूनी गतिविधि का प्रमाण नहीं है। ऐसे मामलों में संबंधित प्रतिष्ठान की अनुमति, लागू नियमों और वास्तविक गतिविधियों की जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए।
होटल संचालकों की जवाबदेही तय करने की जरूरत
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि शहर में संचालित होटलों की निगरानी कितनी प्रभावी है और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई किस तरह सुनिश्चित की जा रही है। यदि किसी होटल में गैरकानूनी गतिविधियां संचालित होने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके साथ ही होटल संचालकों को भी अपने यहां आने वाले लोगों से संबंधित लागू नियमों का पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर नियमित निरीक्षण और विभागों के बीच समन्वय से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।
त्योहारों तक जारी रहेगा चेकिंग अभियान
त्योहारों के दौरान शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस की ओर से चेकिंग अभियान तेज किए जाने की जानकारी सामने आई है। होटलों के साथ-साथ अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों को रोका जा सके।
शिवालिक विहार स्थित होटल सुपर सेवन में हुई कार्रवाई के बाद अब मामले की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी। गिरफ्तार किए गए लोगों की कथित भूमिका, संबंधित गतिविधियों की प्रकृति और अन्य संभावित पहलुओं के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस कार्रवाई ने जीरकपुर में होटलों की निगरानी और रिहायशी इलाकों में संचालित प्रतिष्ठानों के नियमानुसार संचालन की जरूरत को फिर से चर्चा में ला दिया है।