जीरकपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी सुभाष बंसल की पत्नी सुमन बंसल को किया गिरफ्तार, 2019 में दर्ज हुई थी संगीन धाराओं में FIR
गेस्ट हाउस में जबरन घुसने, मारपीट कर बंधक बनाने और इनोवा में बैठाकर ले जाने के आरोप; नकदी, दस्तावेज और सोने की चेन समेत सामान छीनने की शिकायत
जीरकपुर। जिला एसएएस नगर के थाना जीरकपुर पुलिस ने वर्ष 2019 में दर्ज एक पुराने और संगीन मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुभाष बंसल की पत्नी सुमन बंसल को गिरफ्तार किया है। मामला जबरन घुसपैठ, मारपीट, अपहरण, बंधक बनाने, धमकी और कथित तौर पर सामान छीनने के आरोपों से जुड़ा है। इस संबंध में 19 दिसंबर 2019 को FIR संख्या 0469/2019 दर्ज की गई थी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
कार्यालय परिसर खरीदने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले के शिकायतकर्ता हेमंत गुप्ता, निवासी दिल्ली, ने आरोप लगाया था कि उन्होंने गुरदीप चावला के साथ मिलकर जीरकपुर में कार्यालय परिसर खरीदने के लिए सुभाष बंसल और उसकी पत्नी सुमन बंसल के साथ दो पंजीकृत समझौते किए थे। शिकायतकर्ता का आरोप था कि समझौतों के मुताबिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई।
इसके बाद विवाद मध्यस्थता यानी आर्बिट्रेशन तक पहुंचा। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से दिल्ली की अदालत में सिविल सूट दायर किए जाने की बात भी FIR में कही गई थी। इसी कारोबारी/संपत्ति विवाद के बीच दिसंबर 2019 में कथित मारपीट और अपहरण की घटना सामने आने का आरोप लगाया गया।
गेस्ट हाउस में घुसने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 17 दिसंबर 2019 को सुभाष बंसल, उसका बेटा मन्नू बंसल, ड्राइवर प्रिंस, अनूप शर्मा तथा 7-8 अन्य अज्ञात व्यक्ति जीरकपुर स्थित गेस्ट हाउस में कथित तौर पर जबरन घुस आए। शिकायतकर्ता ने गेस्ट हाउस का पता फ्लैट नंबर 101, डी ब्लॉक, ऋषि अपार्टमेंट, एसएएस नगर बताया था।
आरोप है कि आरोपियों ने वहां मौजूद हेमंत गुप्ता, गुरदीप चावला और गेस्ट हाउस के केयरटेकर उमेश के साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने मोबाइल फोन, लैपटॉप बैग और अन्य सामान कथित तौर पर छीन लिया।
इनोवा में जबरन बैठाकर ले जाने का आरोप
मामले की शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया कि मारपीट और धमकी के बाद शिकायतकर्ता तथा अन्य लोगों को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया और जबरन एक इनोवा कार में बैठाकर जीरकपुर से चंडीगढ़ सेक्टर-34 स्थित पुलिस स्टेशन के बाहर ले जाया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि गुरदीप चावला को कथित तौर पर अंबाला हाईवे पर उतार दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शिकायतकर्ता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
3.5 लाख नकद और सोने की चेन समेत सामान ले जाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि घटना के दौरान करीब 3.5 लाख रुपये नकद, समझौते से संबंधित दस्तावेज, चेक, सोने की चेन और अन्य सामान भी कथित तौर पर ले लिया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस से सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
इन आरोपों की जांच के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 365, 342, 352, 506, 148, 149 समेत अन्य प्रावधानों तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/27 का उल्लेख किया गया था।
सात साल बाद सुमन बंसल की गिरफ्तारी
इस मामले की जांच ASI बलजिंदर सिंह नंबर 253/SAS को सौंपी गई थी। अब थाना जीरकपुर पुलिस ने मामले में सुमन बंसल को गिरफ्तार किया है। वह मुख्य आरोपी बताए जा रहे सुभाष बंसल की पत्नी हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सात वर्ष पुराने मामले में हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का अगला फोकस उन अन्य आरोपियों पर हो सकता है जिनके नाम FIR और शिकायत में सामने आए थे। पुलिस यह भी जांच करेगी कि घटना में प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका क्या थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित साक्ष्य क्या हैं।
अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की संभावना
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। यदि जांच में अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने सुमन बंसल की गिरफ्तारी को मामले में आगे बढ़ी कार्रवाई के रूप में देखा है और उम्मीद जताई है कि लंबे समय से लंबित मामले में जांच आगे बढ़ने से उन्हें न्याय मिलने की दिशा में मदद मिलेगी।
अब जांच में इन सवालों के जवाब अहम
सात साल पुराने इस मामले में अब कई सवाल जांच का हिस्सा बन सकते हैं—2019 में दर्ज FIR के बाद मामले की जांच किस स्तर तक पहुंची, किन आरोपियों से पूछताछ हुई, कथित तौर पर छीने गए सामान की बरामदगी हुई या नहीं, घटना से जुड़े CCTV अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य क्या सामने आए और FIR में नामजद अन्य आरोपियों की वर्तमान स्थिति क्या है।
फिलहाल पुलिस की ओर से सुमन बंसल की गिरफ्तारी की कार्रवाई के बाद मामले की जांच जारी है। आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होगी।