
म्यूल अकाउंट के जरिए करीब 8 लाख की ठगी की रकम का लेनदेन, ATM से निकाले जाते थे पैसे; पुलिस ने मोबाइल बरामद किया, दूसरा आरोपी फरार
पंचकूला (अमर शर्मा ) साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पंचकूला पुलिस ने साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना सेक्टर-20 की पुलिस ने ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाने और बाद में एटीएम के जरिए रकम निकलवाने में शामिल था। जांच में अब तक 7 लोगों के बैंक खातों के दुरुपयोग का खुलासा हुआ है, जबकि संदिग्ध खातों में साइबर ठगी से जुड़ी करीब 8 लाख रुपये की रकम की पहचान की गई है।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के निर्देश पर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की टीम ने कार्रवाई करते हुए विशाल कुमार (22) निवासी जिला सोनीपत, हाल निवासी पिंजौर, जिला पंचकूला को गिरफ्तार किया।
मजबूरी और दोस्ती का फायदा उठाकर हासिल करते थे बैंक डिटेल
साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार, म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध खातों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें सामने आईं। जांच आगे बढ़ी तो कथित तौर पर सामने आया कि आरोपी विशाल कुमार ने अपने एक साथी के साथ मिलकर लोगों की मजबूरी और दोस्ती का फायदा उठाते हुए उन्हें गुमराह किया।
आरोपियों ने कथित तौर पर इन लोगों से उनके बैंक खातों से संबंधित जानकारी और एटीएम कार्ड हासिल किए। इसके बाद साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन बैंक खातों में मंगवाई जाती थी और बाद में एटीएम के माध्यम से पैसे निकाल लिए जाते थे।
पुलिस जांच में अब तक ऐसे 7 बैंक खातों का पता चला है, जिनका कथित तौर पर साइबर ठगी के लिए दुरुपयोग किया गया। इन संदिग्ध खातों में साइबर ठगी से संबंधित करीब 8 लाख रुपये की रकम की पहचान पुलिस ने की है। पुलिस अब इस रकम के लेनदेन और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।
2 दिन के रिमांड के बाद आरोपी जेल भेजा
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार, इस संबंध में 11 सितंबर को साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पंचकूला में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने आरोपी विशाल कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किया गया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपी की तलाश कर रही है। विशाल कुमार को दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामले की जांच पीएसआई अभिषेक छिल्लर द्वारा की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी की रकम किन-किन खातों से होकर गुजरी और इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
बैंक खाता किसी को दिया तो आप भी बन सकते हैं आरोपी
पंचकूला पुलिस ने आमजन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, एटीएम पिन, ओटीपी, बैंक पासवर्ड या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी भी व्यक्ति को न दें। पुलिस के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अपने खाते का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति को करने देता है और उसमें साइबर ठगी की रकम पहुंचती है तो खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और उसे फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।